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CG News छत्तीसगढ़ पंचायत सरपंच सचिव कर्ज का बोझ ढोने मजबूर। सरकार की नाकामी से हो रहे सरपंच बदनाम

Cg News Hindi. छत्तीसगढ़। प्रदेश के ग्राम पंचायत कार्य एजेंसी पिछले तीन साल से कर्ज के बोझ से दब चुका है, निर्माण कार्यों का सामाग्री मूलक राशि का भुगतान लम्बित होने से सरपंच सचिव कर्ज लेने पर मजबूर हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में सरकार सचिव पैसे के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश chhattisgarh rajya के कई ग्राम पंचायत साहूकारों से कर्ज लेकर निर्माण एजेंसी चला रहे हैं। Cg छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायत सरपंच सचिव का निर्माण कार्यों के प्रति मोह भंग होता जा रहा है।

छत्तीसगढ़ chhattisgarh ग्राम पंचायत एजेंसी को ग्रामीणों की विरोध का सामना करना पड़ रहा है, छत्तीसगढ़ में ग्रामीण लगातार पुल-पुलिया सी.सी. सड़क, सामुदायिक भवन मूलभूत सुविधाओं का मांग कर रहे हैं परंतु प्रशासनिक स्वीकृति न होने से सरपंच बदनाम हो रहे हैं।

कुछ गिने चुने निर्माण कार्य जिला अभिसरण मद से सम्पूर्ण स्वीकृत राशि की केवल 20 प्रतिशत ही प्रदाय कर बाकी सम्पूर्ण राशि मनरेगा अंतर्गत स्वीकृति दी जा रही है । जबकि पिछले मनरेगा योजना अंतर्गत किये गये निर्माण कार्यों का सामाग्री राशि का भुगतान प्राप्त नहीं हो सका है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी के बावजूद सभी सरपंच टीकाकरण अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका अदा किए हैं एवं लगातार जन हित के लिए कार्यरत हैं , ग्रामीणों की विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर सरपंच सचिव अपनी उत्तरदायित्व एवं जिम्मेदारी निभाते हुए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर जनपद एवं जिला पंचायत को प्रेषित कर रहे हैं। परंतु भ्रष्ट सरकारी तंत्र के कारण आम लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब तक जिला अभिसरण मद, समग्र विकास एवं मध्य विकास योजना से छत्तीसगढ़ प्रदेश में कई ग्राम पंचायतों को लाभ नहीं मिल सका है। अगर कोई निर्माण कार्य स्वीकृत हो रहा है तो केवल मनरेगा योजना से स्वीकृति दी जा रही है ।

छत्तीसगढ़ में मनरेगा योजना अंतर्गत निर्माण कार्यों का हाल यह है कि पिछले किए गए निर्माण कार्यों का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है जिससे सरपंच सचिव तंग आ चुके हैं और कर्ज लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

वेंडर द्वारा सरपंच को राशि की मांग

लगातार वेंडरों द्वारा सरपंच सचिव को पैसे के लिए तंग किया जा रहा है, ऐसे में नए स्वीकृत कार्यों का निर्माण करना असंभव सा हो चुका है। CG छत्तीसगढ़ में सरपंच संघ का कहना है कि पूर्व भाजपा की शासनकाल में ऐसी लचर व्यवस्था नहीं थी मनरेगा अंतर्गत निर्माण कार्यों की सामग्री राशि हर तीन माह अथवा छः माह में भुगतान हुआ करती थी परंतु अब साल 2 साल बीतने के बावजूद भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिससे वेंडरों का तगादा सरपंचों को परेसान कर रही है, वर्तमान में सभी सरपंच वेंडरों के ऋणी बन चुके हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश chhattisgarh state के सभी सरपंच वर्तमान सरकार के गलत नीति के कारण बदनाम हो रहे हैं, केवल गोठान को ही सरकार द्वारा फोकस किया गया है, अन्य मूलभूत बुनियादी सुविधाओं पर छत्तीसगढ़ सरकार की उदासीन रवैया से सरपंचों को लोगों की उपहास का सामना करना पड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ cg में सरपंचों का कहना है कि गोठान योजना को ग्रामीणों ने प्रस्ताव कर मांग नहीं की थी। गोठान योजना को सरकार द्वारा ही जबर्दस्ती गोठान हेतु प्रस्ताव के लिए बाध्य किया गया है। तो वहीं छत्तीसगढ़ के सभी पंचायत के नागरिकों का भी कहना है कि हमनें तो सरकार से सी.सी. सड़क, पुल पुलिया , पक्की मकान की मांग की थी लेकिन मिल नहीं रहा।

ग्रामीण भला क्या जाने इन सभी बातों के लिए जिम्मेदार कौन है वे तो सरपंच को ही कोश रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश chhattisgarh state में पंचायती राज व्यवस्था ग्रामसभा के अधिकार का हनन हो रहा है। ग्राम सभा में अनेकों समस्याओं पर प्रस्ताव पारित होती है सैकड़ों हजारों प्रस्ताव फाइल जिला पंचायत प्रेषित किए जाते हैं , परंतु स्वीकृति प्रदान नहीं की जाती। आखिर छत्तीसगढ़ में पंचायती राज लचर व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन ?

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