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धान की कल्ले बढ़ायें और पैदावार में वृद्धि करें | dhaman tillering booster

how to increase tillering in paddy

धान की फसल में प्रति एकड़ 35 कुंटल तक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप के खेत में धान की फसल हो और पैदावार में कमी आ रही है तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

अधिकतर किसान नाइट्रोजन फास्फोरस का उपयोग धान की फसल में डीएपी खाद के रूप में उपयोग करते हैं फिर भी उत्पादन में वृद्धि नहीं होती है हम आपके लिए एक बहु उपयोगी जानकारी लाए हैं जिससे आप की फसल की पैदावार में वृद्धि जरूर होगी।

नाइट्रोजन फास्फोरस के अलावा धान की फसल को और भी सच में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जो मिट्टी में विद्यमान होती है परंतु कई ऐसे मृदा भारत में पाई गई हैं जिनमें सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी देखी गई है इन सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए यूरिया डीएपी पर्याप्त नहीं है।

धान की फसल को जिंक बोरान सल्फेट मैग्नीशियम लोहा तांबा जैसे अन्य सूचना पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जो आप की फसल के लिए अति आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।

dhaman tillering booster

धामन टीलेरींग बूस्टर एक ऐसा प्रोडक्ट है जो धान एवं गेहूं जैसे अन्य और भी फसलों में कारगर साबित हो रही है धामन टिलरिंग बूस्टर dhaman tillering booster में वे सभी सूचना पोषक तत्व अवेलेबल हैं जो आप की फसल के लिए अति आवश्यक है।

धामन टिलरिंग बूस्टर dhaman tillering booster की उपयोग से धान की फसल में पैदावार में वृद्धि हुई है यदि आपके धान की फसल प्रति एकड़ 25 कुंटल पैदावार दे रही है तो आप धामन टिलरिंग बूस्टर का उपयोग कर 5 कुंटल स्ट्रा उत्पादन ले सकते हैं यह कई किसानों की फसलों में ट्रायल के रूप में उपयोग किया जा चुका है जिसका नतीजा संतोष पूर्ण आई है।

धामन टिलरिंग बूस्टर dhaman tillering booster के उपयोग से पैदावार में वृद्धि कर कई किसान संतुष्ट हुए हैं जिसका उदाहरण के तौर पर इस पोस्ट के नीचे में आप वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं।

धामन टिलरिंग बूस्टर का उपयोग dhaman tillering booster

अगर आप धामन टिलरिंग बूस्टर फर्टिलाइजर खरीद चुके हैं और आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा कि इस प्रोडक्ट का उपयोग हम अपने फसल में किस तरह से कर सकते हैं।

धामन टिलरिंग बूस्टर dhaman tillering booster का उपयोग खड़ी फसल में किया जाता है चाहे वह धान की फसल हो अथवा गेहूं की फसल।

खेत में जब धान की फसल बाल्यावस्था में हो अर्थात 15 से 22 दिन की अवधि के बीच में आप यूरिया अथवा डीएपी खाद्य में मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है।

धामन क्लीयरिंग बूस्टर का छिड़काव करने के बाद आप देखेंगे कि आपके धान की फसल की कल्लें सबसे ज्यादा विकसित दिखाई देंगी।

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