मैनपुर में आदिवासियों का 4 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन

मैनपुर क्षेत्र के गरीब मजदूर किसान वर्ग के आदिवासियों ने अपनी 4 सूत्री मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन

मैनपुर में आदिवासियों का 4 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन

Cg News. गरियाबंद। मैनपुर मुख्यालय आसपास के गांव के आदिवासियों द्वारा जंगली हाथियों से परेशान होकर आज विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। क्षेत्र के आदिवासी समाज हमेशा से पीड़ित एवं शोषित होते आ रही है जिस पर आदिवासियों ने धरना प्रदर्शन कर मैनपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।

मैनपुर क्षेत्र के गरीब मजदूर किसान वर्ग के आदिवासियों ने अपनी 4 सूत्री मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया। किसान महासभा के अध्यक्ष श्री भोज लाल नेताम ने धरना प्रदर्शन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो कुछ हमारे पास है जो कुछ हमने पाया है वो हमारी संघर्ष के बल पर है और आज भी संघर्ष करने की आवश्यकता है। हाथियों के घर को उजाड़ दिया गया है इसलिए जंगली हाथियों का झुंड हमारे आदिवासी इलाकों में आकर हम आदिवासियों को मार रहा है फसल को नुकसान पहुंचा रहा है, हमारे घरों को तोड़ रहा है हाथि आया नहीं लाया गया है आदिवासियों को जंगल से हटाने का साज़िश रचा गया है। 

उन्होंने कहा कि हम किसी के नौकर नहीं है आज हम इस प्रदर्शन मंच के माध्यम से सरकार को हुकूम करते हैं हाथियों को वापस ले जाना होगा। 

वहीं सौरभ यादव ने भी शासन प्रशासन को निशाना साधते हुए कहा कि इस क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था औपचारिकता मात्र है इजरादी गांव के छोटे छोटे बच्चों का क्या गुनाह है जो शासन ने स्कूल शिक्षा के नाम पर भूमि पूजन कर आज तक स्कूल संचालित नहीं कर पाई। उन्होंने यह भी कहा कि हाथियों से भी बड़ा खतरा सत्ता में बैठे लोगों से है राज्य और केंद्र में बैठी सरकार किसी जंगली हाथियों से कम नहीं, आज यह आंदोलन छोटे रुप में हो रहा है। यह तो केवल मात्र ट्रायल है। अगर हमारे बांते सरकार नहीं सुनी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठेंगे। हाथियों द्वारा नुकसान का मुआवजा मुल्यांकन के आधार पर होना चाहिए , नेता लोग भूमि पूजन करने एवं फीता काटने में बहुत आगे रहते हैं। चिटफंड कंपनियों को सरकार खुली छूट दे रखी है आम जनता को लूटने के लिए पैसा डबल करने के नाम पर भोले भाले लोगों को सरकार शोषण कर रही है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अध्यक्ष महेंद्र नेताम ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हम आदिवासियों से ज्यादा महत्व हाथियों का है , हाथियों को आदिवासी क्षेत्रों में लाया गया है ताकि आदिवासी लोग परेशान होकर जंगल छोड़ दें। सरकार जंगल को बेचना चाहती है। डीजिटल इंडिया कहने वाली सरकार इस क्षेत्र में स्कूल कालेज तक नहीं बना पा रही। हम आदिवासियों को सरकार ने नहीं बैठाया। हम जनता ने सरकार को बैठाया है। जरुरत पड़ी तो हम सरकार उखाड़ फेंकेंगे।

जिला पंचायत सभापति लोकेश्वरी नेताम ने भी धरना सभा को सम्बोधित करते हुए कही की आज हम सड़क पर उतरे हैं अगर हमारी बातें सरकार नहीं सुनी तो हम संसद भी जायेंगे परंतु हम आदिवासियों को उनका हक दिलाकर रहेंगे। उन्होंने कही की न लोकसभा न विधानसभा सभा सबसे पहले ग्राम सभा। आदिवासियों को खदेड़ने के लिए हमारे साथ सरकार छल कर रही है जंगल क्षेत्र में बसे हुए लोगों को सुरक्षा की जिम्मेदारी एवं गारंटी ले सरकार और हमारे साथ छल करना बंद करें नहीं तो हम उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

धरना प्रदर्शन में किसान महासभा के अध्यक्ष श्री भोजलाल नेताम , गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह नेताम, सौरव यादव, जिला पंचायत गरियाबंद सभापति लोकेश्वरी नेताम  सरपंच रामस्वरूप मरकाम, सरपंच अंजू लता नागेश, सरपंच कमला बाई नागेश, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सियाराम ठाकुर, बलीराम नेताम, मुकुंद कुंजाम, राजीव नेताम, प्रताप सिंह मरकाम, खोलूराम कोमर्रा, परमेश्वर मरकाम, लोकेश नागेश, केशवराम मरकाम एवं क्षेत्र के हजारों ग्रामीणो ने रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन किया।