न्यूज पोर्टलों को कमतर आंकना बदलते वक्त की हकीकत को नकारने जैसा है।
कोरबा(CG News)आज डिजिटल पत्रकारिता गांव की गलियों से लेकर शहरों के चौराहों तक आम जनता की आवाज बनकर उभर रही है। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया के बीच न्यूज पोर्टलों ने अपनी एक अलग और सशक्त पहचान बनाई है। कई मायनों में उनकी सक्रियता, पहुंच और व्यापकता पारंपरिक मीडिया माध्यमों के साथ कदमताल करती नजर आती है।
न्यूज पोर्टल अब केवल खबरों के प्रसारण का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय समस्याओं, जनसरोकारों, सामाजिक मुद्दों और आम आदमी की आवाज को तत्काल प्रभाव से जनमानस तक पहुंचाने का सशक्त मंच बन चुके हैं। जहां प्रिंट मीडिया अपनी विश्वसनीयता और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अपनी व्यापक पहुंच के लिए जाना जाता है, वहीं डिजिटल पत्रकारिता अपनी त्वरित सक्रियता, निरंतर उपलब्धता और व्यापक जनभागीदारी के कारण तेजी से प्रभाव बढ़ा रही है।
बदलते मीडिया परिदृश्य में न्यूज पोर्टलों की भूमिका को नजरअंदाज करना न केवल डिजिटल पत्रकारिता की ताकत को कम आंकना है, बल्कि बदलते समय और समाज की जरूरतों को भी अनदेखा करना है।
